- भगवान महर्षि वाल्मीकि जयंती रामराये गेट वाल्मीकि चौक पर मनाई गई श्रद्धा एवं उत्साह के साथ

- हरियाणा के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत कर, भगवान महर्षि वाल्मीकि को किया नमन

-महर्षि वाल्मीकि जयंती के उपलक्ष्य में निकाली गई शोभायात्रा- शहर के 33 प्वाइंटों पर पुष्प वर्षा के साथ हुआ भव्य स्वागत

जींद, 27 अक्टूबर। हरियाणा के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने कहा कि भगवान महर्षि वाल्मीकि की शिक्षाएं और उनके आदर्श भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर हैं। उनका जीवन समाज को सत्य, धर्म, कर्तव्य, समानता, सद्भाव और मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। आदिकवि महर्षि वाल्मीकि ने अपनी महान रचना रामायण के माध्यम से समाज को आदर्श जीवन, नैतिक मूल्यों और मर्यादाओं का संदेश दिया। उनकी शिक्षाएं आज भी प्रासंगिक हैं और समाज में आपसी भाईचारे, सामाजिक समरसता तथा सद्भाव को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। यह विचार कैबिनेट मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने सोमवार को देर सांय रामराये गेट वाल्मीकि चौक पर आयोजित भगवान महर्षि वाल्मीकि जयंती समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत कर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए व्यक्त किए। महर्षि वाल्मीकि जयंती के उपलक्ष्य में शोभायात्रा निकाली गई। शहर के 33 प्वाइंटों पर पुष्प वर्षा के साथ शोभायात्रा का भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान कैबिनेट मंत्री ने भगवान महर्षि वाल्मीकि मंदिर जाकर पूजा- अर्चना की और आर्शीवाद लिया।

कैबिनेट मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने कहा कि भगवान महर्षि वाल्मीकि को आदि कवि के रूप में भी जाना जाता है। उनकी महान कृति रामायण भारतीय साहित्य, संस्कृति और आध्यात्मिक परंपरा का महत्वपूर्ण आधार है। रामायण में वर्णित आदर्श, मर्यादा, कर्तव्यनिष्ठा, त्याग और मानवता के मूल्य समाज को सही दिशा प्रदान करते हैं। भगवान महर्षि वाल्मीकि का जीवन इस बात का प्रतीक है कि ज्ञान, साधना और दृढ़ संकल्प से व्यक्ति समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। जयंती समारोह का मुख्य उद्देश्य भगवान महर्षि वाल्मीकि के विचारों और शिक्षाओं को जन-जन तक पहुंचाना तथा युवा पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और गौरवशाली परंपराओं से जोड़ना रहा। ऐसे आयोजन महापुरुषों के जीवन से प्रेरणा लेने के साथ-साथ समाज में एकता, समानता, आपसी सम्मान और भाईचारे की भावना को प्रोत्साहित करते हैं।

कैबिनेट मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने कहा कि भगवान महर्षि वाल्मीकि की शिक्षाएं हमें अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से निर्वहन करने, दूसरों के प्रति सम्मान का भाव रखने और समाज के कल्याण में योगदान देने की प्रेरणा देती हैं। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से आपसी प्रेम, सहयोग और सद्भाव बनाए रखने तथा महापुरुषों के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों को अगर समाज में अपना वर्चस्व बनाए रखना है तो उन्हे समाज के सुख-दुख में हमेशा तत्पर रहना पडेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की सोच है कि महापुरुषों के दिखाए रास्ते पर चलकर ही मानव जाति द्वारा सेवा कार्य को पूरा करते रहना चाहिए। राज्य सरकार भी मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह के नेतृत्व में सभी जातियों के महापुरुषों की जयंतियों को सरकारी स्तर पर मनाया जा रहा है।

जयंती समारोह को संबोधित करते हुए हरियाणा सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष भारत भूषण टांक ने कहा कि भगवान महर्षि वाल्मीकि जी का जीवन, उनके आदर्श और उनकी शिक्षाएं संपूर्ण मानव समाज के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। उन्होंने समाज को सत्य, ज्ञान, सदाचार, समानता और मानवता का संदेश देकर सदैव धर्म एवं कर्तव्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। हमें भगवान महर्षि वाल्मीकि जी के बताए मार्ग पर चलते हुए समाज के उत्थान, जरूरतमंदों की सेवा तथा सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि भगवान महर्षि वाल्मीकि जी की शिक्षाएं हमें आपसी भेदभाव मिटाकर प्रेम, भाईचारे और एकता के साथ रहने का संदेश देती हैं। उनके आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धा और सम्मान है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए जनकल्याण के कार्यों में बढ़-चढ़कर भाग लेना चाहिए, ताकि एक समरस, सशक्त और विकसित समाज का निर्माण किया जा सके।

जयंती कार्यक्रम में उपस्थित एडीसी प्रदीप कुमार ने कहा कि भगवान महर्षि वाल्मीकि जयंती केवल एक धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन ही नहीं, बल्कि उनके विचारों को आत्मसात करने और समाज में सकारात्मक मूल्यों को मजबूत करने का अवसर भी है। उनके आदर्शों पर चलकर एक ऐसे समाज के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ा जा सकता है, जहां प्रत्येक व्यक्ति को सम्मान मिले और आपसी सद्भाव एवं सामाजिक एकता की भावना मजबूत हो। उन्होंने भगवान महर्षि वाल्मीकि के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने तथा उनकी शिक्षाओं को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया ।

बीजेपी उपाध्यक्ष जवाहर सैनी ने कहा कि हमारी युवा पीढ़ी को देश के महान संतों, महापुरुषों और समाज सुधारकों के जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए। महर्षि वाल्मीकि का जीवन ज्ञान, परिश्रम, आत्मचिंतन और सकारात्मक परिवर्तन का अद्भुत उदाहरण है। उन्होंने कहा कि युवाओं को शिक्षा, संस्कार और कौशल के माध्यम से अपने भविष्य को संवारते हुए राष्ट्र निर्माण में योगदान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत की सबसे बड़ी ताकत उसकी समृद्ध संस्कृति, सामाजिक एकता और विविधता में एकता की भावना है। हमारे संतों और महापुरुषों ने सदियों से समाज को जोड़ने का काम किया है। उनके विचारों को आगे बढ़ाना हम सभी का दायित्व है।

भाजपा जिला अध्यक्ष तेजेन्द्र ढूल ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि ने रामायण के माध्यम से समाज को सत्य, धर्म, मर्यादा, नैतिकता और समरसता का मार्ग दिखाया। उनकी शिक्षाएं आज भी मानव समाज को सही दिशा देने और जीवन में उच्च आदर्शों को अपनाने की प्रेरणा देती हैं। महर्षि वाल्मीकि के विचारों को आत्मसात कर समाज में आपसी भाईचारे, समानता और सद्भाव को मजबूत किया जा सकता है। इस अवसर पर वाल्मीकि सभा के प्रधान जितेन्द्र टांक,पुष्पा तायल,डॉ राज सैनी,सुरेश दानौदा, जयभगवान,कमल,नत्थु राम,रणधीर,ईश्वर,अशोक,सुनील,राजेंद्र,सतबीर,हरी किशन,राजेश,महेंद्र,जितेन्द्र,वीरेंद्र,अनिल, कृष्ण सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।