भारत नवीकरणीय ऊर्जा शिखर सम्मेलन और एक्स्पो 2026 के दूसरे दिन केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री प्रह्लाद जोशी, केंद्रीय बिजली एवं आवास तथा शहरी मामलों के मंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा और बिजली राज्य मंत्री श्री श्रीपद येसो नाइक ने अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन, सीईईडब्ल्यू और एनर्जीवा वेंचर्स द्वारा आयोजित एक उच्च स्तरीय संवाद 'द नेक्स्ट टेरावॉट' के मंत्रिस्तरीय सत्र में भाग लिया। इस शुरुआती सत्र में सरकार और उद्योग जगत के वरिष्ठ प्रतिनिधियों को एक साथ लाया गया, ताकि आने वाले दशकों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नवीकरणीय ऊर्जा को लागू करने के ढांचे की रूपरेखा तैयार की जा सके।

इन चर्चाओं में वैश्विक नवीकरणीय ऊर्जा विस्तार के अगले चरण को गति देने के लिए चार प्रमुख प्राथमिकता वाले क्षेत्रों पर विचार किया गया। इनमें एकीकृत ऊर्जा योजना, आपूर्ति और भंडारण; ऊर्जा अवसंरचना का विस्तार और उसकी मजबूती; परियोजनाओं और इकोसिस्टम के लिए टेरावॉट-स्तर की फंडिंग तथा सुरक्षित और सस्ती ऊर्जा के लिए डिजिटलीकरण और एआई शामिल हैं। इन चर्चाओं में आज से लेकर 2050 तक के लिए एक रणनीतिक रोडमैप तैयार किया गया, जो 2047 तक 'विकसित भारत' के भारत की परिकल्पना के अनुरूप है।

ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी और उप मुख्यमंत्री कनक वर्धन सिंह देव की उपस्थिति में लगभग 1.17 लाख करोड़ रुपये के कुल प्रस्तावित निवेश का प्रतिनिधित्व करने वाले 18 समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।

इसके अलावा बोंडाडा ग्रुप की कंपनी बोंडाडा इंजीनियरिंग लिमिटेड ने गोवा में नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के लिए लगभग 3,000 करोड़ रुपये के प्रस्तावित निवेश के लिए गोवा निवेश संवर्धन और सुविधा बोर्ड (गोवा-आईपीबी) के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।

बीआरई शिखर सम्मेलन और एक्स्पो 2026 में 130 से अधिक देशों के प्रतिनिधि साथ आए। इनमें 40 से अधिक मंत्री, वरिष्ठ नीति-निर्माता, निवेशक, वित्तीय संस्थान और उद्योग जगत के दिग्गज शामिल हैं। भागीदार देश के रूप में ऑस्ट्रेलिया, डेनमार्क, यूरोपीय संघ, फ्रांस, जर्मनी, नीदरलैंड, नॉर्वे, स्वीडन और यूनाइटेड किंगडम हिस्सा ले रहे हैं, जो द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने और स्वच्छ ऊर्जा मूल्य शृंखला में निवेश और प्रौद्योगिकी साझेदारी को सुविधाजनक बनाने के अवसर प्रदान कर रहे हैं।

13 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश अपनी नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता, लंबित परियोजनाएं, विनिर्माण क्षमताओं और नीतिगत उपक्रमों को प्रदर्शित कर रहे हैं, जो पूरे भारत में निवेश के अवसरों की व्यापकता और विविधता को दर्शाते हैं।

इस मौके पर 'वॉट्स नेक्स्ट: इनोवेटर्स आइडियाज फॉर इंडियाज एनर्जी सिक्योरिटी, एजेंडा 2047' का पहला चरण भी आयोजित किया गया। यह विचारों पर आधारित एक ऐसा मंच था, जिसमें केवल आमंत्रित लोगों को ही शामिल किया गया था और इसे ब्लूमबर्गएनईएफ की साझेदारी में तैयार किया गया था। पारंपरिक पैनल चर्चाओं से आगे बढ़कर इस सत्र में प्रमुख नवप्रवर्तकों, उद्यमियों और उद्योग जगत के दिग्गजों को एक साथ लाया गया। जब देश अपनी स्वतंत्रता की शताब्दी की ओर बढ़ रहा है, ऐसे समय में इन दिग्गजों ने तकनीक, वित्त और नीति के क्षेत्रों में ऐसे साहसिक और व्यावहारिक विचार प्रस्तुत किए, जो भारत की ऊर्जा प्रणाली को आकार दे सकते हैं।

वक्ताओं में सुमंत सिन्हा रिन्यू के संस्थापक, अध्यक्ष और सीईओ, सोलरस्क्वेयर की सह-संस्थापक और सीईओ श्रेया मिश्रा, सुजलॉन समूह के सह-संस्थापक गिरीश आर तांती, आईआईटी मद्रास के प्रो. अशोक झुनझुनवाला और ब्लूमबर्गएनईएफ के स्वच्छ ऊर्जा अनुसंधान प्रमुख मेरेडिथ एनेक्स शामिल थे।

भारत में नवीकरणीय ऊर्जा के विस्तार के लिए उत्पादन क्षमता, ऊर्जा भंडारण, ट्रांसमिशन नेटवर्क, घरेलू विनिर्माण और सहायक बुनियादी ढांचे में निरंतर निवेश की आवश्यकता होगी। यह शिखर सम्मेलन सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के हितधारकों को एक ऐसा मंच प्रदान कर रहा है, जहां वे वित्तपोषण के नए मॉडलों पर विचार कर सकें, निवेश साझेदारियों को सुदृढ़ बना सकें और परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने के लिए समाधान तलाश सकें।