महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने अपने प्रशासनिक नियंत्रण के अधीन सभी स्वायत्तशासी/वैधानिक निकायों सहित, स्वच्छता में सुधार और लंबित संदर्भों के निपटान के उद्देश्य से 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर, 2026 तक आयोजित किए जा रहे विशेष अभियान 6 के कार्यान्वयन के लिए प्रयास शुरू कर दिए हैं तथा कार्य योजनाओं और लक्ष्यों को अंतिम रूप दे दिया है।

विशेष अभियान 6 के कार्यान्वयन चरण के तहत, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने राज्यों/केन्द्र शासित प्रदेशों से प्रतिदिन निम्नलिखित गतिविधियां संचालित करने का अनुरोध किया है:

क्षेत्रीय स्तर के संस्थानों में स्वच्छता अभियान चलाना।

प्रभावी जन शिकायत निवारण सुनिश्चित करना तथा शिकायत निवारण चौपालों/ई-चौपालों का आयोजन करना।

कार्यों का दस्तावेजीकरण और उन्हें मंत्रालय के विभिन्न मिशन पोर्टलों पर अपलोड करना।

इसके अतिरिक्त, राज्यों/केन्द्र शासित प्रदेशों से अनुरोध किया गया है कि वे 30 अक्टूबर, 2026 को एक समर्पित विशेष एक दिवसीय कार्यक्रम आयोजित करें। इस दौरान क्षेत्रीय स्तर के कार्यकर्ताओं और समुदाय की सक्रिय भागीदारी के साथ उक्त गतिविधियों को व्यापक स्तर पर संचालित किया जाए।

इस संबंध में, अभियान के तहत राज्यों/केन्द्र शासित प्रदेशों द्वारा किए जा रहे कार्यों की समीक्षा के लिए 26.10.2026 को शाम 05:00 बजे महिला एवं बाल विकास सचिव की अध्यक्षता में राज्यों/केन्द्र शासित प्रदेशों के साथ एक वीडियो कॉन्फ्रेंस बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में मंत्रालय की योजनाओं से संबंधित सभी अपर सचिवों/संयुक्त सचिवों और निदेशकों/उप सचिवों के साथ-साथ राज्यों/केन्द्र शासित प्रदेशों के 109 अधिकारियों ने भाग लिया। महिला एवं बाल विकास सचिव ने सभी राज्यों/केन्द्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिया कि वे संबंधित अधिकारियों को सभी क्षेत्रीय संस्थानों में कार्य करने तथा उनका विवरण संबंधित मिशन पोर्टलों पर अपलोड करने के निर्देश जारी करें।

उन्होंने राज्यों/केन्द्र शासित प्रदेशों को यह सलाह भी दी कि वे राज्य सरकार के सोशल मीडिया हैंडल के माध्यम से प्रतिदिन गतिविधियों को दर्शाने वाले इन्फोग्राफिक्स और ट्वीट प्रकाशित एवं साझा करें तथा मंत्रालय के संबंधित आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल को टैग करें। इसके अतिरिक्त, उन्होंने राज्यों/केन्द्र शासित प्रदेशों से आग्रह किया कि वे शिकायत निवारण चौपालों/ई-चौपालों का आयोजन करके पोषण ट्रैकर, पीएमएमवीवाई और सीपीजीआरएएमएस पोर्टल पर लंबित सभी शिकायतों का 30 अक्टूबर, 2026 तक युद्धस्तर पर निपटान सुनिश्चित करें।

पीके/केसी/आरटी/केपी /डीए