जल शक्ति मंत्रालय के जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग द्वारा 2 से 31 अक्टूबर, 2026 तक विशेष अभियान 6 चलाया जा रहा है। यह अभियान भारत सरकार के प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग के तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे और सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता को बढ़ावा देना है।

19.10.2026 को, जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग की सचिव श्रीमती अर्चना वर्मा ने विभाग के सभी संगठनों के प्रमुखों/वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विशेष अभियान 6 के अंतर्गत हुई प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अभियान के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए विभाग और उसके संगठनों द्वारा किए जा रहे प्रयासों पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने यह भी जोर दिया कि लंबित मामलों का जल्द से जल्द, निर्धारित तिथि से पहले निपटारा करने के लिए उचित उपाय किए जाएं।

जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग और इसके संगठनों ने अभियान की गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लिया है। गतिविधिवार लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं और महत्वपूर्ण प्रगति हासिल की गई है।

विशेष अभियान 6 के अंतर्गत विभाग के लक्ष्यों के संबंध में 19.10.2026 तक की उपलब्धियां इस प्रकार हैं:

सरलीकरण के लिए नियम/प्रक्रियाएँ

भौतिक फाइलों की समीक्षा की जाएगी

ई-फाइलों की समीक्षा की जाएगी

ई-अपशिष्ट निपटारा (वस्तुओं की संख्या)

इसके अलावा, अपशिष्ट निपटारे के माध्यम से 13,13,748 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है, 1456 भौतिक फाइलों को हटाया गया है, 835 ई-फाइलों को बंद किया गया है और 901 वर्ग फुट जगह खाली की गई है।

स्वच्छता अभियान के अंतर्गत आने वाले स्थलों की 'पहले' और 'बाद' की स्थितियों की तस्वीरें/वीडियो बनाए जा रहे हैं और अभियान के संबंध में इन्हें प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग (डीएआर एंड पीजी) के पोर्टल पर प्रतिदिन अपलोड किया जा रहा है।

जन जागरूकता के लिए विशेष अभियान 6 के तहत विभाग/इसके संगठनों की उपलब्धियों का उल्लेख करने वाली एक पीआईबी प्रेस विज्ञप्ति और विभिन्न सोशल मीडिया हैंडल पर 68 ट्वीट प्रकाशित किए गए हैं।

पीके/केसी/आरटी/जेके/एसके