मैसूर दशहरा प्रदर्शनी मैदान में आयोजित शिल्प समागम मेला 2026 में 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के कारीगर भाग ले रहे हैं। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के अनुसार नौ दिवसीय आयोजन 11 अक्टूबर से शुरू हुआ और 19 अक्टूबर तक निर्धारित है।
मेले में 83 स्टॉल लगाए गए हैं, जिनमें 80 कारीगरों के लिए हैं। प्रतिभागियों में 37 महिला कारीगर शामिल हैं। स्टॉल पर हथकरघा साड़ियां, मसाले, लकड़ी के खिलौने, चमड़े के उत्पाद, टेराकोटा, कृत्रिम आभूषण, block-printed वस्तुएं और घरेलू textile products प्रदर्शित किए गए हैं।
आयोजन राष्ट्रीय अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम, राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम और राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी वित्त एवं विकास निगम के सहयोग से हो रहा है। मंत्रालय के मुताबिक मुफ्त स्टॉल के साथ पात्र कारीगरों को यात्रा, दैनिक भत्ता, माल ढुलाई और भोजन के लिए सहायता दी जाती है।
मंत्रालय 2022 से ऐसे मेले आयोजित कर रहा है और 13 आयोजनों में 975 कारीगरों के भाग लेने की जानकारी दी गई है। मैसूर का आयोजन वित्त वर्ष 2026-27 का पहला मेला है; गुवाहाटी, दिल्ली, जोधपुर और लखनऊ में आगे के आयोजनों का प्रस्ताव भी दिया गया है।




