केंद्र सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय का सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग विशेष अभियान 6 में सक्रिय रूप से शामिल है। सरकार की इस व्यापक पहल का उद्देश्य स्वच्छता को संस्थागत रूप देना, सार्वजनिक स्थानों के कुशल प्रबंधन को बढ़ावा देना और सरकारी कार्यालयों तथा संस्थानों में लंबित मामलों को कम करना है।
अभियान के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने के लिए विभाग ने अपनी प्रमुख योजना अटल वयो अभ्युदय योजना (एवीवाईएवाई) के अंतर्गत एकीकृत वरिष्ठ नागरिक कार्यक्रम (आईपीएसआरसी) से सहायता प्राप्त सभी 764 वरिष्ठ नागरिक गृहों को स्वच्छता संबंधी गतिविधियां संचालित करने के निर्देश दिए हैं।
मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल और सहायता करने वाले संस्थानों में स्वच्छता को मजबूत करना और यह सुनिश्चित करना है कि इन संस्थानों में वरिष्ठ निवासियों को स्वच्छ, सुरक्षित, सुलभ और सम्मानजनक आवासीय वातावरण मिले।
एवीवाईएवाई के अंतर्गत आईपीएसआरसी से सहायता प्राप्त वरिष्ठ नागरिक गृहों में स्वच्छता अभियान की झलकियां।
उन्होंने कहा कि प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (डीएआरपीजी) के समन्वय से चलाया जा रहा यह अभियान स्वच्छता, व्यवस्थित कचरा प्रबंधन, पर्यावरणीय स्थिरता और सार्वजनिक संस्थानों में निरंतर सुधार की संस्कृति विकसित करने के महत्व को रेखांकित करता है।
वरिष्ठ नागरिक गृहों को अपने परिसरों, साझा क्षेत्रों और आसपास के स्थानों में व्यापक स्वच्छता अभियान चलाने के साथ-साथ अनावश्यक वस्तुओं को हटाने, कचरे का उचित पृथक्करण और निपटान करने तथा हरित गतिविधियां संचालित करने की सलाह दी गई है। स्वच्छता इन संस्थानों की दैनिक कार्यप्रणाली का अभिन्न हिस्सा बने, न कि केवल एक निश्चित अवधि तक चलने वाले अभियान तक सीमित रहे, इस बात पर भी बल दिया गया है।
अधिकारी ने कहा कि विशेष अभियान 6 के प्रारंभिक चरण के दौरान बनी गति को आगे बढ़ाते हुए देशभर में एवीवाईएवाई के अंतर्गत आने वाले वरिष्ठ नागरिक गृह अभियान की थीम ‘स्वच्छता से सम्मान, हर वर्ग का उत्थान’ के अनुरूप विभिन्न गतिविधियां संचालित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये गतिविधियां स्वच्छ और व्यवस्थित संस्थागत वातावरण बनाए रखने के महत्व को दर्शाती हैं, विशेषकर उन संस्थानों में जहां वरिष्ठ नागरिक रहते हैं और देखभाल तथा सहायता प्राप्त करते हैं।
उन्होंने कहा कि एकीकृत वरिष्ठ नागरिक कार्यक्रम के अंतर्गत सहायता प्राप्त सभी 764 वरिष्ठ नागरिक गृहों में स्वच्छता अभियान का आयोजन जनभागीदारी के सिद्धांत को भी दर्शाता है। इसमें यह स्वीकार किया गया है कि स्वच्छता और सार्वजनिक स्वच्छता व्यवस्था में स्थायी सुधार के लिए सभी हितधारकों की भागीदारी और सहयोग आवश्यक है। निवासियों और देखभालकर्ताओं की भागीदारी से आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखने की सामूहिक जिम्मेदारी मजबूत होती है और संस्थानों के दैनिक जीवन में अच्छी आदतों को अपनाने को प्रोत्साहन मिलता है।
वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि स्वच्छता अभियानों के अंतर्गत आवासीय परिसरों, गलियारों, भोजन कक्षों, रसोईघरों, मनोरंजन स्थलों और अन्य साझा सुविधाओं की सफाई की जा रही है। इसके साथ ही मार्गों और आसपास के क्षेत्रों की सफाई, कूड़े-कचरे, सूखी पत्तियों, खरपतवार और वनस्पति को हटाने तथा कचरे के उचित संग्रह, पृथक्करण और निपटान को सुनिश्चित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि इन गृहों को अनावश्यक और अनुपयोगी वस्तुओं को हटाने, भंडारण स्थलों को व्यवस्थित करने और रास्तों को साफ तथा सुलभ बनाए रखने के लिए भी प्रोत्साहित किया गया है। ताकि वरिष्ठ निवासियों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित हो सके।
अधिकारी ने कहा कि हरियाली बढ़ाने और पर्यावरण में सुधार से जुड़ी गतिविधियां इस पहल का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। पौधरोपण, बगीचों और हरित क्षेत्रों का रखरखाव तथा संस्थागत परिसरों के समग्र स्वरूप को बेहतर बनाने के प्रयास स्वस्थ और सुखद आवासीय वातावरण तैयार करने में योगदान देते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे उपाय पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने और साझा स्थानों के जिम्मेदाराना उपयोग तथा रखरखाव को भी प्रोत्साहित करते हैं।
अधिकारी ने कहा कि इस पहल में वरिष्ठ नागरिकों, कर्मचारियों और कार्यान्वयन एजेंसियों की सक्रिय भागीदारी पर विशेष बल दिया गया है। उन्होंने बताया कि वरिष्ठ निवासियों को उनकी स्वास्थ्य स्थिति, चलने-फिरने की क्षमता और व्यक्तिगत सामर्थ्य के अनुरूप स्वच्छता, बागवानी तथा परिसर में सुधार से जुड़ी गतिविधियों में शामिल करके अभियान सामूहिक स्वामित्व, साझा जिम्मेदारी और सामुदायिक भागीदारी की भावना को बढ़ावा देता है। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि गतिविधियां समावेशी, सुरक्षित और सार्थक बनी रहें।
विशेष अभियान 6 में वरिष्ठ नागरिक गृहों की भागीदारी सम्मानजनक वृद्धावस्था, बेहतर संस्थागत देखभाल और सक्रिय वृद्धावस्था को बढ़ावा देने के प्रति विभाग की प्रतिबद्धता को मजबूत करती है।
यह पहल एवीवाईएवाई के व्यापक उद्देश्यों के अनुरूप है। इसका लक्ष्य संस्थागत और सामुदायिक सहायता, सेवाओं तक बेहतर पहुंच तथा वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण और गरिमा को बढ़ावा देकर उनके लिए अनुकूल वातावरण तैयार करना है। एकीकृत वरिष्ठ नागरिक कार्यक्रम के अंतर्गत विभाग पात्र कार्यान्वयन एजेंसियों को वरिष्ठ नागरिकों के लिए संस्थागत देखभाल और आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराने में सहायता प्रदान करता है। इसमें विशेष रूप से उन वरिष्ठ नागरिकों पर ध्यान दिया जाता है, जिन्हें निरंतर देखभाल, सुरक्षा और सहायता की आवश्यकता होती है।
वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग एवीवाईएवाई के अंतर्गत आने वाले वरिष्ठ नागरिक गृहों को विशेष अभियान 6 की अवधि समाप्त होने के बाद भी अपनाई गई प्रथाओं को जारी रखने के लिए प्रोत्साहित करता रहेगा। नियमित स्वच्छता कार्यक्रम, जिम्मेदार कचरा प्रबंधन, समय-समय पर अनावश्यक वस्तुओं को हटाना, हरित क्षेत्रों का रखरखाव और निवासियों की भागीदारी संस्थानों के प्रबंधन के महत्वपूर्ण अंग बने रहने की अपेक्षा है।
इन प्रयासों के माध्यम से विभाग वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल करने वाले संस्थानों में स्वच्छता, पर्यावरणीय जिम्मेदारी और गरिमा की संस्कृति को मजबूत करना चाहता है। यह स्वच्छ, हरित और अधिक समावेशी सार्वजनिक संस्थानों के निर्माण तथा देशभर में वरिष्ठ नागरिकों के लिए सुरक्षित, स्वस्थ और सम्मानजनक आवासीय वातावरण सुनिश्चित करने की केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता के अनुरूप है।
स्वच्छ और सुव्यवस्थित वातावरण वरिष्ठ नागरिकों के समग्र कल्याण का एक महत्वपूर्ण घटक है। यह उनके आराम, सुरक्षा, गरिमा और जीवन की गुणवत्ता में योगदान देता है। स्वच्छता, कचरा प्रबंधन और साझा क्षेत्रों के रखरखाव पर नियमित ध्यान देने से पर्यावरण संबंधी टाली जा सकने वाली परेशानियों को कम करने और स्वस्थ आवासीय सुविधाओं को बनाए रखने में भी मदद मिल सकती है।


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