भारतीय नौसेना के उप प्रमुख वाइस एडमिरल अजय कोचर की उपस्थिति में श्रीमती रेमन कोचर ने 10 अक्टूबर 2026 को मेसर्स जीआरएसई, कोलकाता में अगली पीढ़ी के अपतटीय गश्ती पोत (एनजीओपीवी) यार्ड 3040 (श्रेयस) को लॉन्च किया। यह कार्यक्रम भारतीय नौसेना की समृद्ध परंपराओं और लोकाचार को दर्शाता है। इस अवसर पर भारतीय नौसेना, रक्षा मंत्रालय, जीआरएसई और उद्योग भागीदारों के वरिष्ठ गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

अगली पीढ़ी के अपतटीय गश्ती पोतों (एनजीओपीवी) का निर्माण एक साथ दो शिपयार्ड (जीएसएल, गोवा और जीआरएसई, कोलकाता) में किया जा रहा है। स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित ये पोत समुद्री निगरानी, खोज और बचाव, अपतटीय परिसंपत्तियों की सुरक्षा, मानवीय सहायता और आपदा राहत (एचएडीआर) तथा समुद्री डकैती-रोधी अभियानों जैसे मल्टी-डोमेन ऑपरेशन्स के लिए मौजूदा ओपीवी/एनओपीवी की क्षमता को बढ़ाएंगे। इन पोतों के नाम भारत की समृद्ध विरासत से लिए गए हैं, और इस पोत का नाम 'श्रेयस' है जिसका संस्कृत में अर्थ 'सर्वश्रेष्ठ' या ‘अति उत्कृष्ट’ होता है।

यह लॉन्च भारतीय नौसेना के स्वदेशी पोत निर्माण के प्रयासों में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है तथा भारत सरकार के 'आत्मनिर्भर भारत' और 'मेक इन इंडिया' पहलों के विजन के अनुरूप है।