आदिकवि महर्षि वाल्मीकि जी की शिक्षाएं समाज को सत्य, सद्भाव, समानता और मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती हैं। उनके आदर्शों को आत्मसात करके ही एक सशक्त, संस्कारवान और समरस समाज का निर्माण किया जा सकता है। इसी संदेश के साथ सोमवार को महर्षि वाल्मीकि जी जयंंती के अवसर पर 'संत महापुरुष विचार सम्मान एवं प्रसार' योजना के अंतर्गत जिला प्रशासन की ओर से पलवल स्थित जिला सचिवालय सभागार में जिला स्तरीय समारोह का आयोजन हर्षोल्लास और श्रद्धा भाव के साथ किया गया। कार्यक्रम में भाजपा जिला अध्यक्ष विपिन बैंसला ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। जिला अध्यक्ष विपिन बैंसला, अतिरिक्त उपायुक्त उत्सव आनंद व नगराधीश प्रीति रावत ने महर्षि वाल्मीकि जी के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया और उन्हें श्रद्धा भाव के साथ नमन किया।

महर्षि वाल्मीकि जी भारतीय संस्कृति, साहित्य और आध्यात्मिक चेतना के महान प्रतीक : विपिन बैंसला

भाजपा जिला अध्यक्ष विपिन बैंसला ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि जी भारतीय संस्कृति, साहित्य और आध्यात्मिक चेतना के महान प्रतीक हैं। उनके द्वारा रचित रामायण युगों-युगों से मानवता का मार्गदर्शन करती आ रही है। यह महाकाव्य प्रभु श्रीराम के जीवन के माध्यम से सत्य, त्याग, कर्तव्यनिष्ठा, आदर्श आचरण और मर्यादा का महत्व समझाता है। महर्षि वाल्मीकि जी का जीवन ज्ञान, तपस्या, सकारात्मक सोच और आत्मपरिवर्तन की प्रेरणा देता है।

जिला अध्यक्ष विपिन बैंसला ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में सरकार देश के महापुरुषों और महान विभूतियों के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य कर रही है। 'संत महापुरुष विचार सम्मान एवं प्रसार योजना' हरियाणा सरकार द्वारा मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में चलाई जा रही एक अनूठी पहल है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य महान संतों, गुरुओं और महापुरुषों की शिक्षाओं व उनके संदेशों का समाज में प्रसार करना और उनकी जयंतियां राज्य स्तर पर मनाना है।

महर्षि वाल्मीकि के आदर्श आज भी समाज के लिए प्रासंगिक : उत्सव आनंद

अतिरिक्त उपायुक्त उत्सव आनंद ने अपने संबोधन में महर्षि वाल्मीकि जी को नमन करते हुए कहा कि महापुरुषों का जीवन और उनकी शिक्षाएं समाज को सही दिशा दिखाने का कार्य करती हैं। महर्षि वाल्मीकि जी की जीवन यात्रा हमें प्रेरणा देती है कि ज्ञान, दृढ़ संकल्प, साधना और सकारात्मक विचारों के माध्यम से व्यक्ति अपने जीवन में परिवर्तन लाकर समाज के लिए प्रेरणास्रोत बन सकता है। महापुरुषों के प्रति सच्ची श्रद्धा तभी सार्थक होगी, जब हम उनके आदर्शों को अपने व्यवहार और जीवनशैली में उतारेंगे।

महर्षि वाल्मीकि द्वारा रचित रामायण भारतीय संस्कृति और नैतिक मूल्यों की अमूल्य धरोहर

नगराधीश प्रीति रावत ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि द्वारा रचित रामायण भारतीय संस्कृति और नैतिक मूल्यों की अमूल्य धरोहर है। इसमें निहित आदर्श आज भी परिवार, समाज और राष्ट्र के प्रति कर्तव्यों का बोध कराते हैं। विद्यार्थियों और युवाओं को महापुरुषों के जीवन से प्रेरणा लेकर सत्य, अनुशासन, ईमानदारी, सदाचार तथा सामाजिक जिम्मेदारी जैसे मूल्यों को अपने आचरण का हिस्सा बनाना चाहिए। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से आह्वान किया कि वे महापुरुषों की शिक्षाओं को अपने व्यवहार में अपनाकर सामाजिक एकता, भाईचारे और सद्भाव को मजबूत बनाने में योगदान दें। इस अवसर पर समाज के अन्य व्यक्तियों ने भी आदिकवि महर्षि वाल्मीकि के जीवन पर प्रकाश डाला और उनकी शिक्षाओं को जीवन में आत्मसात करने का आह्वान किया।

इस अवसर पर नायाब तहसीलदार जगबीर सिंह, बीडीपीओ पलवल नरेश शर्मा, राजू सरपंच रसूलपुर, सोनू पृथला, सतपाल पृथला, वेदराम पलवल, रमेश बेनीवाल बडोली, बिजेंदर बडोली, सुंदर बडोली, अनिल सरपंच, राजू सरपंच, दीपक कुमार सहित समाज के अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।