दिव्यांगजनों को जब आधुनिक सहायक उपकरण, विशेष ई-स्कूटर और सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिलता है, तो उनके जीवन में नई संभावनाओं और आत्मनिर्भर बनने के नए द्वार खुलते हैं। इसी उद्देश्य को साकार करने की दिशा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में चलाए जा रहे ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत पलवल में शनिवार को विशेष ई-स्कूटर वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
जिला प्रशासन की ओर से पलवल स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस स्टेडियम में उपायुक्त एवं अध्यक्ष जिला रेडक्रॉस सोसाइटी पलवल डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर के मार्गदर्शन में आयोजित विशेष ई-स्कूटर वितरण कार्यक्रम में केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने बतौर मुख्य अतिथि कार्यक्रम का दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ करने उपरांत 150 पात्र दिव्यांग लाभार्थियों को एलिम्को और विभिन्न कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) संस्थाओं के सहयोग से विशेष इलेक्ट्रिक स्कूटर वितरित किए। इलेक्ट्रिक स्कूटर पाने की खुशी दिव्यांगजनों के चेहरे और आंखों में साफ दिखाई दे रही थी। इस पहल का उद्देश्य दिव्यांगजनों की आवागमन संबंधी कठिनाइयों को कम करना, उनकी दूसरों पर निर्भरता घटाना और उन्हें आत्मविश्वास के साथ जीवन में आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराना है। इस अभियान के तहत पूरे लोकसभा क्षेत्र में अब तक 500 दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण वितरित किए जा चुके हैं।
दया नहीं, सम्मान और समान अवसर के अधिकारी हैं दिव्यांगजन
केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने कहा कि दिव्यांगजन समाज का अभिन्न अंग हैं और वे दया नहीं, बल्कि प्यार, सम्मान, सहयोग तथा समान अवसर के अधिकारी हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने, उनके अधिकारों को मजबूत करने और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य दिव्यांगजनों को केवल आर्थिक या भौतिक सहायता उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि उन्हें ऐसा वातावरण प्रदान करना है, जिसमें वे अपनी क्षमता और प्रतिभा के बल पर आगे बढ़ सकें। पैरालंपिक खेलों, प्रतियोगी परीक्षाओं और अन्य क्षेत्रों में दिव्यांगजनों की उपलब्धियां साबित करती हैं कि उचित अवसर और सुविधाएं मिलने पर वे किसी भी क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर अपनी काबिलियत का लोहा मनवा सकते हैं।
ई-स्कूटर से आसान होगा आवागमन, बढ़ेगी आत्मनिर्भरता
केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने कहा कि सरकार दिव्यांगजनों को समाज की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए आवागमन की सुविधा, शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य सेवाओं और सामाजिक गतिविधियों तक पहुंच बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। विशेष ई-स्कूटर और मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल जैसे सहायक साधन उन्हें दैनिक कार्यों के लिए आने-जाने में सुविधा प्रदान करते हैं। इससे उनकी दूसरों पर निर्भरता कम करने और अपने कार्य स्वयं करने की क्षमता को बढ़ावा मिलता है। उन्होंने कहा कि आधुनिक सहायक उपकरण दिव्यांगजनों के लिए केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और स्वतंत्रता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। इनके माध्यम से वे अपने दैनिक जीवन को अधिक सहज बना सकते हैं और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभा सकते हैं। इस प्रकार की पहल दिव्यांगजनों को अपनी क्षमताओं का बेहतर उपयोग करने के साथ-साथ परिवार और समाज में सम्मानपूर्वक जीवन जीने के लिए प्रोत्साहित करती है।
7 से बढ़कर 21 श्रेणियों तक पहुंचा योजनाओं का दायरा
केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने कहा कि दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण के लिए केंद्र सरकार ने कानूनी, सामाजिक और सुविधागत स्तर पर कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। वर्ष 2016 में दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम के माध्यम से मान्यता प्राप्त दिव्यांगता की श्रेणियों को 7 से बढ़ाकर 21 किया गया। इससे अधिक श्रेणियों के दिव्यांगजनों को अधिकारों और सरकारी योजनाओं के दायरे में लाने का मार्ग प्रशस्त हुआ। केंद्र सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण, कृत्रिम अंग और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसके साथ ही शिक्षा, रोजगार और सार्वजनिक स्थलों तक उनकी पहुंच बेहतर बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है।
सुगम्य भारत अभियान से बाधामुक्त वातावरण की पहल
केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने कहा कि दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए केवल उपकरण उपलब्ध कराना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके अनुकूल सुविधाजनक वातावरण तैयार करना भी आवश्यक है। इसी उद्देश्य से शुरू किए गए सुगम्य भारत अभियान के अंतर्गत सार्वजनिक भवनों, सरकारी कार्यालयों, परिवहन सुविधाओं और अन्य सार्वजनिक स्थलों को अधिक सुलभ बनाने पर जोर दिया गया है। केंद्र सरकार द्वारा आधुनिक तकनीक के माध्यम से कृत्रिम हाथ-पैर और अन्य सहायक उपकरण उपलब्ध कराने के साथ-साथ सुनने और बोलने में कठिनाई का सामना करने वाले बच्चों के लिए भी आवश्यक सहायता की व्यवस्था की जा रही है। कॉक्लियर इम्प्लांट जैसी सुविधाएं जरूरतमंद बच्चों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इन प्रयासों का व्यापक उद्देश्य दिव्यांगजनों की दैनिक कठिनाइयों को कम करना और उन्हें शिक्षा, रोजगार तथा सामाजिक जीवन में अधिक अवसर प्रदान करना है।
वरिष्ठ नागरिकों के जीवन को भी सुगम बना रही राष्ट्रीय वयोश्री योजना
केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने कहा कि सरकार की कल्याणकारी पहल केवल दिव्यांगजनों तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरतमंद वरिष्ठ नागरिकों को भी विभिन्न योजनाओं के माध्यम से सहायता प्रदान की जा रही है। राष्ट्रीय वयोश्री योजना के अंतर्गत पात्र वरिष्ठ नागरिकों को उनकी आवश्यकता के अनुसार सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जाते हैं। इनमें श्रवण यंत्र, चश्मे, व्हीलचेयर और अन्य आवश्यक उपकरण शामिल हैं। ऐसी सुविधाएं बुजुर्गों को दैनिक कार्य करने में सहायता प्रदान करती हैं और उनके जीवन को अधिक सुविधाजनक बनाने में योगदान देती हैं।
उद्योग जगत और सामाजिक संगठनों का सहयोग बना महत्वपूर्ण आधार
दिव्यांगजनों और जरूरतमंद लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए सरकार के साथ-साथ सामाजिक संगठनों तथा उद्योग जगत की भागीदारी भी महत्वपूर्ण है। केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने दिव्यांगजनों के कल्याण में सहयोग देने के लिए एलिम्को, एस्कॉर्ट्स कुबोटा समूह तथा अन्य सहयोगी संस्थानों और उद्योगपतियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि कंपनियों की सामाजिक जिम्मेदारी के अंतर्गत किए जाने वाले ऐसे प्रयास जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सरकार, सामाजिक संस्थाओं, जनप्रतिनिधियों और उद्योग जगत के सामूहिक प्रयासों से कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाया जा सकता है।
'सेवा संकल्प अभियान' के माध्यम से जनसेवा को मिल रहा विस्तार
केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में चलाए जा रहे "सेवा संकल्प अभियान" के अंतर्गत देशभर में विभिन्न जनकल्याणकारी गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। इनमें दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण वितरित करने के साथ-साथ पौधारोपण, रक्तदान शिविर, स्वास्थ्य जांच शिविर और अन्य सेवा कार्य शामिल हैं। पलवल में आयोजित ई-स्कूटर एवं सहायक उपकरण वितरण कार्यक्रम इसी व्यापक अभियान का हिस्सा है। इसके माध्यम से जरूरतमंद दिव्यांगजनों को सुविधाएं उपलब्ध कराने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।
केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने कहा कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि कार्यक्रम में किसी कारणवश सहायता से वंचित रह गए पात्र दिव्यांगजन अपने आवश्यक दस्तावेज संबंधित अधिकारियों के पास जमा करवा सकते हैं, ताकि आगामी चरण में नियमानुसार उन्हें भी सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा सके।
आत्मनिर्भर और समावेशी समाज की दिशा में सार्थक कदम
पलवल में आयोजित यह कार्यक्रम इस बात का उदाहरण है कि सरकारी योजनाओं, आधुनिक तकनीक और सामाजिक सहयोग के माध्यम से दिव्यांगजनों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। विशेष ई-स्कूटर और सहायक उपकरण उनकी दैनिक कठिनाइयों को कम करने, स्वतंत्र रूप से आवागमन करने तथा समाज में सक्रिय भागीदारी निभाने के अवसर बढ़ाने में सहायक हैं। दिव्यांगजनों को सम्मान, समान अवसर और आत्मनिर्भरता प्रदान करने की दिशा में ऐसे प्रयास एक समावेशी समाज के निर्माण को मजबूती देते हैं। "सेवा संकल्प अभियान" का मूल संदेश भी यही है कि विकास की प्रक्रिया में कोई भी व्यक्ति पीछे न छूटे और प्रत्येक जरूरतमंद नागरिक को सम्मानपूर्वक जीवन जीने के अवसर मिलें।
इस अवसर पर उपायुक्त डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर, होडल विधायक हरिंद्र सिंह, हथीन विधायक चौधरी मोहम्मद इसराईल, हरियाणा सरकार के पूर्व मंत्री चौधरी हर्ष कुमार, हरियाणा सरकार के पूर्व मंत्री चौधरी सुभाष कत्याल, भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं पूर्व विधायक दीपक मंगला, हथीन के पूर्व विधायक प्रवीन डागर, पलवल के उपमंडल अधिकारी भूपेंद्र सिंह, घुघेरा ब्लॉक समिति के अध्यक्ष चौधरी भगत सिंह, मार्केट कमेटी के अध्यक्ष चौधरी हरजीत, पलवल नगर परिषद के अध्यक्ष यशपाल, होडल नगर परिषद के अध्यक्ष शिशपाल, हसनपुर मार्केट कमेटी के अध्यक्ष राजपाल, हसनपुर ब्लॉक समिति के अध्यक्ष अजीत, एसीई समूह के सामाजिक उत्तरदायित्व सहयोगी वीरेंद्र सरोहा, अभिराशि समूह के सामाजिक उत्तरदायित्व सहयोगी आशीष जैन, कुबोटा समूह के सामाजिक उत्तरदायित्व सहयोगी तरुण शर्मा, जिला रेडक्रॉस के सचिव महेश गुप्ता, कुलवीर देशवाल, महेंद्र भड़ाना, बामनीखेड़ा के सरपंच मोनू, मूर्ति शर्मा तथा एलिम्को के राजेश दास सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।




