नीलोखेड़ी/ करनाल, 16 अक्टूबर। आग से होने वाली दुर्घटनाओं से बचाव के लिए जागरूकता, सतर्कता और समय पर सही कदम उठाना अत्यंत आवश्यक है। प्रत्येक कर्मचारी को अग्नि सुरक्षा के नियमों की जानकारी होनी चाहिए, ताकि आपातकालीन स्थिति में स्वयं की तथा दूसरों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। यह बात हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान, नीलोखेड़ी के निदेशक डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने संस्थान में आयोजित सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित बुनियादी अग्नि सुरक्षा जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम में कही।
डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों से कर्मचारियों को आग से बचाव के उपायों तथा आपातकालीन परिस्थितियों में सुरक्षित रहने के तरीकों की व्यावहारिक जानकारी मिलती है। उन्होंने कहा कि आग लगने की स्थिति में घबराने के बजाय सूझबूझ से काम लेना चाहिए तथा सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से गैस सिलेंडर में आग लगने जैसी परिस्थितियों में सही जानकारी और सावधानी बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे जागरूकता कार्यक्रम कर्मचारियों को आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए तैयार करते हैं।
डॉ. चौहान ने कहा कि अग्नि सुरक्षा केवल अग्निशमन विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक और कर्मचारी का सामूहिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि आग से बचाव के उपायों की जानकारी, सुरक्षा उपकरणों का सही उपयोग तथा समय रहते सतर्कता बरतने से जान-माल के नुकसान को काफी हद तक रोका जा सकता है।
कार्यक्रम में अग्निशमन विभाग से आए लीडिंग फायरमैन प्रदीप कुमार तथा फायरमैन सुनील कुमार ने संस्थान के सभी कर्मचारियों को अग्नि सुरक्षा के विभिन्न उपायों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आग लगने की स्थिति में सबसे पहले सुरक्षित स्थान पर पहुंचने, संबंधित विभाग को सूचना देने तथा उपलब्ध अग्निशमन उपकरणों का उचित उपयोग करने का विशेष ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने गैस सिलेंडर में आग लगने की स्थिति में बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में विस्तार से समझाया। उन्होंने कर्मचारियों को बताया कि ऐसी परिस्थिति में बिना उचित प्रशिक्षण के जोखिम नहीं उठाना चाहिए तथा प्रशिक्षित अग्निशमन कर्मियों की सहायता लेनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने आग से बचाव के व्यावहारिक तरीकों और आपातकालीन स्थिति में सुरक्षा सुनिश्चित करने के उपायों से भी अवगत कराया।
हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान के लेखा अधिकारी तरुण मलिक ने कहा कि कार्यालय परिसर में अग्नि सुरक्षा के नियमों का पालन करना प्रत्येक कर्मचारी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को अग्निशमन उपकरणों की जानकारी रखनी चाहिए और किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए सदैव तैयार रहना चाहिए। संस्थान के सहायक आचार्य सुशील मेहता ने कहा कि अग्नि सुरक्षा संबंधी प्रशिक्षण प्रत्येक कर्मचारी के लिए उपयोगी है, क्योंकि समय पर सही निर्णय लेकर बड़े नुकसान को रोका जा सकता है।
सहायक आचार्य कमलदीप सांगवान ने कहा कि आग से बचाव के लिए सावधानी और जागरूकता सबसे महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम कर्मचारियों में सुरक्षा के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करते हैं और आपातकालीन परिस्थितियों में प्रभावी ढंग से कार्य करने में सहायक होते हैं। इस अवसर पर संस्थान के कर्मचारी सौरभ अरोड़ा, सुनील कुमार, संजीव कुमार, अजय ढुल, मोहित शर्मा, रजनीश चौहान, लीला कृष्ण, प्रवीण कुमार, महेंद्र कुमार, रामेश्वर सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।


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