राज्य सरकार द्वारा गंभीर बीमारियों से पीड़ित जरूरतमंद मरीजों को उपचार में आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री राहत कोष के तहत वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। योजना के अंतर्गत पात्र मरीजों को इलाज के लिए अधिकतम एक लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाने का प्रावधान है।
उपायुक्त महेंद्र पाल ने मंगलवार को अपने कार्यालय में मुख्यमंत्री राहत कोष के तहत प्राप्त आवेदन पत्रों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी आवेदनों की निर्धारित प्रक्रिया के तहत जांच करते हुए उनका शीघ्र निपटारा सुनिश्चित किया जाए, ताकि पात्र मरीजों को उपचार के लिए समय पर आर्थिक सहायता उपलब्ध हो सके। बैठक के दौरान कुल 12 आवेदन में से 6 स्वीकृत किए गए। उपायुक्त ने कहा कि जरूरतमंद लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है। उपायुक्त ने बताया कि मुख्यमंत्री राहत कोष के तहत कैंसर, किडनी, हृदय रोग सहित 25 गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाई जाती है। योजना के तहत वित्तीय सहायता की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए ऑनलाइन आवेदन की सुविधा प्रदान की गई है। पात्र व्यक्ति अपने परिवार पहचान पत्र आईडी के माध्यम से सरल पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि आवेदन करते समय संबंधित चिकित्सा संस्थान द्वारा जारी उपचार के संभावित खर्च का विवरण, चिकित्सा एवं ओपीडी बिल सहित आवश्यक दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड करना आवश्यक है। इसके साथ ही परिवार पहचान पत्र, आधार कार्ड तथा रिहायशी प्रमाण पत्र भी प्रस्तुत करना होगा। निर्धारित प्रक्रिया के तहत स्वीकृत आर्थिक सहायता की राशि सीधे आवेदक अथवा लाभार्थी के बैंक खाते में हस्तांतरित की जाती है। उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री राहत कोष से संबंधित आवेदनों में दस्तावेजों की जांच प्रक्रिया को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए। पात्र मामलों में आवश्यक औपचारिकताएं समयबद्ध तरीके से पूरी करते हुए संबंधित आवेदनों पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि आवेदन प्रक्रिया के संबंध में आमजन को आवश्यक जानकारी उपलब्ध करवाते हुए पात्र लोगों को योजना का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया जाए। बैठक में अधिकारियों ने मुख्यमंत्री राहत कोष के तहत प्राप्त आवेदनों की स्थिति एवं उन पर की जा रही कार्रवाई की जानकारी उपायुक्त को दी।
इस अवसर पर नगराधीश रोहित कुमार, डिप्टी सीएओ डॉ सुभाष खतरेजा, जितेंद्र पनिहार, ललित शर्मा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।




